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बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम

एक जरूरी बात

कौम परस्ती खतरनाक है और यह हराम के दर्जे में है 


अल्लाह तुम्हारे बदनों और धन को नहीं देखता , बल्कि वह तो तुम्हारे दिलों और आमाल को देखता है।

असबियत : बिना सही गलत का सोचे जात , भाषा , जाति , नस्ल , राष्ट्र के आधार पर गुट बनाना या गुटबाजी करना।

1 . हदीस पाक का मफ़हूम है कि अल्लाह के रसूल ने फ़रमाया कि वह हम में से नहीं जो असबियत (कौम परस्ती ) की तरफ बुलाए , वह हम में से नहीं जो असबियत (कौम परस्ती ) के लिए लड़े और जो असबियत पर मर जाए।

2 . हदीस पाक का मफ़हूम है की एक सहाबी रज़ियल्लाहु अन्हु ने आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से पुछा की क्या यह भी असबियत है कि आदमी अपने कबीले के लोगों से मुहब्बत करे ? रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्ल्म ने इर्शाद फ़रमाया की नहीं , असबियत यह है की आदमी गलत कामों में अपने लोगों की मदद करे।

Deshwali.com महज़ इसलिए बनाई गई है कि हम अपने कबीले के लोगों की मुहब्बत के साथ मदद कर सकें। यह वेबसाइट शांतिपूर्ण और  गैर राजनीतिक उद्देश्य से बनाई  गई है।  यहाँ  किसी भी प्रकार की राजनीतिक प्रेरित , क़ौमियत को बढ़ावां देने वाली  सामग्री जो कौम के नाम पर मुसलामानों को बाँटें  वो हराम है। तमाम मुसलमान सब आपस में भाई हैं।